साहित्य
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रमेश जोशी का व्यंग्य- ‘सर फोड़ना’
‘देखो गालिब ने भी यही कहा है कि अपने दुख का हाला मचाने में शर्म मत करो । जहाँ भी…
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रमेश जोशी का व्यंग्य- मियाँ की जूती मियाँ के सिर
‘अगर दूध पिलाने वाली माता होती है तो लोग तो भैंस, बकरी, भेड़, ऊंटनी आदि का दूध भी पीते हैं…
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जिस राजघराने में हुआ जाति के कारण अपमान, वर्षों बाद उसी महल में हुआ राजसी ठाठ के साथ सम्मान…कौन थे जोधपुर के “भंगी जाति के उपकुलपति” ?
राजस्थान की जोधपुर रियासत में कभी एक दलित बच्चे की माँ को उसकी जाति के कारण अपमान सहना पड़ा था।…
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अवाम का महबूब शायर बशीर बद्र
‘उनके जीवन की एक दुखद विडंबना यह भी रही कि अंतिम वर्षों में वे डिमेंशिया (स्मृति-लोप) जैसी बीमारी से जूझते…
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हम! युद्ध से बचे हुए लोग
युद्ध में मारे गये लोगअब कभी वापस नहीं आयेंगे,न ही जीवित हो पायेंगे वे बच्चेजो दफ़्न हो चुके हैंइमारतों के…
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देश बंटवारे का ज़हर चित्रित करता निर्मला भुराड़िया का उपन्यास ‘ज़हरखुरानी’
‘लेकिन इतनी बड़ी और भयावह घटना पर जो विराट हूक दिखनी चाहिए थी, वह हिंदी के संसार में अदृश्य और…
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निर्मला पुतुल की कविता – क्या तुम जानते हो
क्या तुम जानते होपुरुष से भिन्नएक स्त्री का एकांत? घर, प्रेम और जाति से अलगएक स्त्री को उसकी अपनी ज़मीनके…
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आसिफ़ अली मंसूरी की कविता
मैं देख रहा हूँ—सभ्यता की फटी हुई जेब सेगिरते जा रहे हैं मनुष्य के चीथड़े। धूल से सनी सड़कों परएक…
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व्यंग्य – भक्त सौभाग्य सिंह ठाकुर मध्यप्रदेश वाले
‘मैं किसी के बाप से डरता हूँ क्या ? मेरा सीना 28 इंच का ही सही लेकिन जितना है सालिड…
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फिल्म समीक्षा: अमर सिंह चमकीला : जर्रे से सितारा बनने की संगीतमय कहानी
‘यह दलित मजदूर धन्नी राम के पंजाब का एल्विश कहा जाना वाला मकबूल पंजाबी गायक अमर सिंह चमकीला बनने की…
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