साहित्य
-
रविकान्त का लेख- शिवरानी देवी के साथ प्रेमचन्द के सम्बन्ध
‘हमारे समाज में या दुनिया के किसी भी समाज में किसी स्त्री द्वारा पति के परायी स्त्री के साथ सम्बन्ध…
Read More » -
रविकान्त का लेख- किसान समस्या, प्रेमचंद और जादुई यथार्थवाद
भारत की सड़सठ प्रतिशत आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। इतनी बड़ी आबादी आज घोर संकट में है। अतिवृष्टि और ओलावृष्टि…
Read More » -
रमेश जोशी का व्यंग्य – तोताराम की जेड प्लस सुरक्षा
लेखक- रमेश जोशी ‘ वे राष्ट्रवादी, संस्कारी, स्वयंसेवी संस्था के सर्वेसर्वा हैं । उनके प्रचारक सरकार में हैं । उनसे…
Read More » -
रमेश जोशी का व्यंग्य- हनुमान जी का दल-बदल
लेखक- रमेश जोशी ‘यह हमारा आंतरिक मामला है जैसे राम मंदिर की चोरी । हमारे राम, हमारा मंदिर, हम कुछ…
Read More » -
रमेश जोशी का व्यंग्य- हड़बड़ी में गड़बड़ी
लेखक- रमेश जोशी ‘शेक्सपीयर कहते हैं नाम में क्या रखा है । सम्मान तो सम्मान है । मोदी जी ट्रम्प…
Read More » -
लघु कथा- भक्त की हवाई चप्पलें
‘किसी तरह राम की कृपा से भक्त का जीवन कट ही रहा था क्योंकि उसकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं थी ।…
Read More » -
रविकांत का लेख- शोषण के विरुद्ध संघर्ष का आह्वान है ओमप्रकाश वाल्मीकि की कविताएं
‘दरअसल, ओमप्रकाश वाल्मीकि आधुनिक कबीर हैं। उतने ही फक्कड़, निर्भीक और निर्द्वन्द्व। अपनी रचनाओं के माध्यम से सामन्तों और ब्राह्मणवादियों…
Read More » -
रमेश जोशी का व्यंग्य -कॉकरोचों का धरना
‘ मदर ऑफ डेमोक्रेसी का मतलब यह भी नहीं है कि कॉकरोच भी धरना देने लगें । कल को मक्खी,…
Read More » -
रमेश जोशी का व्यंग्य- योग किया ?
‘जब कोई समस्या या जिम्मेदारी लेने की बात आये तो शवासन लगा लो । सभी प्रभावित लोग धीरे धीरे सिर…
Read More » -
श्रवण गर्ग का लेख – क्या ‘मैं वापस आऊंगा’ एक चालाक एजेण्डा फिल्म है ?
‘सत्तारूढ़ दल का समूचा तंत्र भी तो बार-बार ‘विभाजन की विभीषिका’ के क्षणों और लाशों से पटी ट्रेनों के सीमा…
Read More »