साहित्य
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रमेश जोशी का व्यंग्य- हनुमान जी का दल-बदल
लेखक- रमेश जोशी ‘यह हमारा आंतरिक मामला है जैसे राम मंदिर की चोरी । हमारे राम, हमारा मंदिर, हम कुछ…
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रमेश जोशी का व्यंग्य- हड़बड़ी में गड़बड़ी
लेखक- रमेश जोशी ‘शेक्सपीयर कहते हैं नाम में क्या रखा है । सम्मान तो सम्मान है । मोदी जी ट्रम्प…
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लघु कथा- भक्त की हवाई चप्पलें
‘किसी तरह राम की कृपा से भक्त का जीवन कट ही रहा था क्योंकि उसकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं थी ।…
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रविकांत का लेख- शोषण के विरुद्ध संघर्ष का आह्वान है ओमप्रकाश वाल्मीकि की कविताएं
‘दरअसल, ओमप्रकाश वाल्मीकि आधुनिक कबीर हैं। उतने ही फक्कड़, निर्भीक और निर्द्वन्द्व। अपनी रचनाओं के माध्यम से सामन्तों और ब्राह्मणवादियों…
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रमेश जोशी का व्यंग्य -कॉकरोचों का धरना
‘ मदर ऑफ डेमोक्रेसी का मतलब यह भी नहीं है कि कॉकरोच भी धरना देने लगें । कल को मक्खी,…
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रमेश जोशी का व्यंग्य- योग किया ?
‘जब कोई समस्या या जिम्मेदारी लेने की बात आये तो शवासन लगा लो । सभी प्रभावित लोग धीरे धीरे सिर…
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श्रवण गर्ग का लेख – क्या ‘मैं वापस आऊंगा’ एक चालाक एजेण्डा फिल्म है ?
‘सत्तारूढ़ दल का समूचा तंत्र भी तो बार-बार ‘विभाजन की विभीषिका’ के क्षणों और लाशों से पटी ट्रेनों के सीमा…
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शंकरानंद की चार कविताएं
1. चमकती दोपहर में जिन सड़कों से गुजरता हूंउसके पास के घरों की आवाजेंछन कर बाहर आती हैंजबकि उनके बाहर…
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चंदन कुमार की कविता- धरती की जीवटता हमारे हिस्से आई
सदियों से संघर्ष करने से हम नहीं डरेहम नहीं डरे किसी पहाड़, खदान से पार निकलने मेंहम आजीवन लड़ते रहेऔर…
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