व्यंग्य
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रमेश जोशी का व्यंग्य- मियाँ की जूती मियाँ के सिर
‘अगर दूध पिलाने वाली माता होती है तो लोग तो भैंस, बकरी, भेड़, ऊंटनी आदि का दूध भी पीते हैं…
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व्यंग्य – भक्त सौभाग्य सिंह ठाकुर मध्यप्रदेश वाले
‘मैं किसी के बाप से डरता हूँ क्या ? मेरा सीना 28 इंच का ही सही लेकिन जितना है सालिड…
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व्यंग्य- चाय फ्रॉम होम
‘मोदी जी को तो वसुधैव कुटुंबकम् के मानने वाले हैं । सब रिश्ते नाते, संबंध निभाने पड़ते हैं । फरवरी…
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व्यंग्य- ऑटो फेयर
‘यहाँ तो एक सामान्य बुलडोज़र तक इतना समझदार होता है कि वह अपराधी का धर्म, जाति, वस्त्र आदि पहचान कर…
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व्यंग्य- किससे किसकी रक्षा ?
‘ऐसे प्रोजेक्ट मोदी जी के अलावा और किसके हो सकते हैं ? कौन है जो इस लोक से बेखबर, दिन…
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व्यंग्य – लुंगी में लोकतंत्र
‘जब पेंट शर्ट पहनकर आये तब वोट डाल सके । कुछ तो खयाल रखा जाना चाहिए शालीनता और संस्कारों का…
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व्यंग्य – झूठ और बाललीला
‘इस कविता से बच्चे आज थोड़ी चीनी के लिए झूठ बोलना सीख रहे हैं कल को झूठ बोलकर नीरव मोदी,…
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