Ravikant
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साहित्य
रविकान्त का लेख- शिवरानी देवी के साथ प्रेमचन्द के सम्बन्ध
‘हमारे समाज में या दुनिया के किसी भी समाज में किसी स्त्री द्वारा पति के परायी स्त्री के साथ सम्बन्ध…
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आलोचना
रविकान्त का लेख- किसान समस्या, प्रेमचंद और जादुई यथार्थवाद
भारत की सड़सठ प्रतिशत आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। इतनी बड़ी आबादी आज घोर संकट में है। अतिवृष्टि और ओलावृष्टि…
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आलोचना
रविकांत का लेख- शोषण के विरुद्ध संघर्ष का आह्वान है ओमप्रकाश वाल्मीकि की कविताएं
‘दरअसल, ओमप्रकाश वाल्मीकि आधुनिक कबीर हैं। उतने ही फक्कड़, निर्भीक और निर्द्वन्द्व। अपनी रचनाओं के माध्यम से सामन्तों और ब्राह्मणवादियों…
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विचार-विमर्श
उपन्यास और स्त्री
‘उपभोक्तावादी संस्कृति ने स्त्री को तमाम विकल्प जरूर उपलब्ध कराए लेकिन इसकी नकारात्मक छवियों से वह अपना बचाव न कर…
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मुख़ातिब
मुख़ातिब
साथियों,एक लंबे अंतराल के बाद आप सबसे फिर से मुखातिब हूँ। अदहन पत्रिका का फिर से प्रकाशन शुरू हो रहा…
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