Adahan Patrika
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विचार-विमर्श
डॉ. राम पुनियानी का आलेख- सोमनाथ के लुटने से लेकर अयोध्या में ‘चंदा चोरी‘ तक
‘मंदिर को लूटा गया और घोटालेबाजों को न तो भगवन का कोई डर था और ना ही उनका धर्म से…
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कहानी
लघु कथा- भक्त की हवाई चप्पलें
‘किसी तरह राम की कृपा से भक्त का जीवन कट ही रहा था क्योंकि उसकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं थी ।…
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देश
शीतल पी सिंह का लेख- भारत-चीन सीमा विवाद कैसे दे रहा नई वास्तविकताओं को आकार ?
‘मोदी सरकार की नीति पिछले कुछ वर्षों में स्पष्ट रूप से यह रही है कि चीन के साथ किसी बड़े…
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राजनीति
लोकतंत्र की हत्या अब लाठी से नहीं, सूची से होगी
‘अगर नागरिकता की परिभाषा संदिग्ध कर दी जाए, जनगणना के आंकड़ों पर भरोसा कम कर दिया जाए, SIR के नाम…
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राजनीति
श्रवण गर्ग का लेख- ‘नागरिकों’ को ‘शरणार्थियों’ में बदलने का षड्यंत्र तो नहीं ?
‘जो चल रहा है उसे देख-समझकर डर लगना चाहिए कि क्या कुछ चुनिंदा नागरिकों अथवा समुदायों को परेशान करने के…
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व्यंग्य
रमेश जोशी का व्यंग्य -कॉकरोचों का धरना
‘ मदर ऑफ डेमोक्रेसी का मतलब यह भी नहीं है कि कॉकरोच भी धरना देने लगें । कल को मक्खी,…
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व्यंग्य
रमेश जोशी का व्यंग्य- योग किया ?
‘जब कोई समस्या या जिम्मेदारी लेने की बात आये तो शवासन लगा लो । सभी प्रभावित लोग धीरे धीरे सिर…
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सिनेमा
श्रवण गर्ग का लेख – क्या ‘मैं वापस आऊंगा’ एक चालाक एजेण्डा फिल्म है ?
‘सत्तारूढ़ दल का समूचा तंत्र भी तो बार-बार ‘विभाजन की विभीषिका’ के क्षणों और लाशों से पटी ट्रेनों के सीमा…
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कविता
शंकरानंद की चार कविताएं
1. चमकती दोपहर में जिन सड़कों से गुजरता हूंउसके पास के घरों की आवाजेंछन कर बाहर आती हैंजबकि उनके बाहर…
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