Adahan Patrika
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विचार-विमर्श
डॉ. राम पुनियानी का लेख — किन वजहों से हुए मोदी मजबूत ?
‘सन् 1978 में जनता पार्टी सरकार में आडवानी के सूचना प्रसारण मंत्री बनने के बाद से ही मीडिया का झुकाव…
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साहित्य
रमेश जोशी का व्यंग्य- मियाँ की जूती मियाँ के सिर
‘अगर दूध पिलाने वाली माता होती है तो लोग तो भैंस, बकरी, भेड़, ऊंटनी आदि का दूध भी पीते हैं…
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राजनीति
पत्रकार श्रवण गर्ग ने उठाए सवाल, क्यों इंडिया ब्लॉक की बैठक के दिन दिल्ली पहुंच रहे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके?
विपक्ष सावधान !! ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके अमेरिका से ठीक उसी दिन (6जून)दिल्ली पहुँच रहे हैं जिस…
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विचार-विमर्श
डॉ. राम पुनियानी का लेख- क्यों फिर से गाय पर शुरू हुई राजनीतिक बहस ?
‘गुजरात के एक अन्य प्राध्यापक ने बेजोड़ शोध कर बताया कि गौमूत्र में सोना होता है. सोने की आसमान छूती…
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Uncategorized
एक साप्ताहिक पत्र ने कैसी रखी हिंदी पत्रकारिता के विशाल जगत की नींव ?
हिंदी पत्रकारिता का इतिहास केवल पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन का इतिहास नहीं अपितु यह समाज की चेतना, जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों…
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साहित्य
अवाम का महबूब शायर बशीर बद्र
‘उनके जीवन की एक दुखद विडंबना यह भी रही कि अंतिम वर्षों में वे डिमेंशिया (स्मृति-लोप) जैसी बीमारी से जूझते…
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विचार-विमर्श
राजनीति में जो गाय जिंदा है,वह जमीन पर मर रही है!
‘जैसलमेर की वे तस्वीरें किसी सभ्य समाज के चेहरे पर कालिख की तरह चिपक जानी चाहिए थीं. गर्मी,भूख,प्यास, लापरवाही और…
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विचार-विमर्श
नेहरू के पुण्य स्मरण के बहाने ‘भारतीयता’ की खोज !
‘बहुत मुमकिन है देश ने तब महसूस नहीं किया हो और हक़ीक़त रही हो कि नेहरू द्वारा प्रतिपादित ‘भारतीयता’ के…
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विचार-विमर्श
नेहरू की पुण्यतिथि पर विशेष : नेहरू और पटेल को बैलों की एक जोड़ी के रूप में देखते थे गांधीजी
“इस तरह ऐसे कुछ मुद्दे थे जिनको लेकर दोनों में मतभेद थे। परंतु पटेल इस बात को महसूस करते थे…
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राजनीति
आरएसएस की वैचारिकी का सच क्या है?
‘यह भी ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है कि 1925 में स्थापित संघ के पास स्वतंत्रता संग्राम का एक भी नायक…
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