अमेरिकी हमले पर मोदी की चुप्पी क्यों ? राहुल गांधी ने उठाए सवाल
पिछले एक साल से अपने निम्नतम स्तर पर चल रहे भारत-अमेरिकी संबंध अब एक ऐसे मोड़ पर आ चुका है , जब दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य होने की उम्मीद टूटती नज़र आ रही है। ऐसे में अमेरिका के भारत के खिलाफ बढ़ते दुस्साहस पर प्रधानमंत्री मोदी का मौन भारत की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते 10 जून को भारतीय नाविकों वाला एक तेल टैंकर (एमटी सेटेबेलो) ओमान की खाड़ी के निकट से गुजर रहा था। इसी दौरान अमेरिकी सेना ने भारतीय जहाज पर मिसाइल से हमला कर दिया , जिसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे। गौरतलब है कि अभी तक प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नागरिकों की मौत पर कोई टिप्पणी नहीं की है ।
इस घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिसमें क्रू मेम्बर भारतीय जहाज पर हुए हमले की जानकारी देते हुए सहायता की अपील कर रहे थे ।
देश की जनता में तीव्र आक्रोश
सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होते ही लोगों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसके साथ ही अब मोदी सरकार की कमजोर विदेश-नीति पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। यह आश्चर्यजनक है कि अभी तक इस घटना पर मोदी ने कोई टिप्पणी नहीं की है जबकि ईरान जैसे देशों ने इस अमेरिका की कार्रवाई की निंदा की है । ऐसे में अमेरिका के इस दुस्साहस और मोदी सरकार की चुप्पी के खिलाफ भारत की जनता का गुस्सा फूट पड़ा है।
राहुल गांधी ने मोदी पर साधा निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की कमजोर विदेश-नीति पर सवाल उठाते हुए कहा- ‘ अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद – न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा-क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं। ‘



