तमिलनाडु में बदला सत्ता का इतिहास,विजय के नेतृत्व में गठबंधन सरकार
सी. जोसे़फ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नये अध्याय की शुरूआत कर दी है. इसके साथ ही करीब 60 वर्षों से तमिलनाडु की सत्ता पर बारी-बारी से काबिज रहने वाले दो बड़े द्रविड़ दल—Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (एआईएडीएमके)—का लंबा राजनीतिक वर्चस्व टूट गया है.
सीएम बनते ही विजय ने लिए तीन अहम फैसले
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विजय ने मंच से ही तीन अहम फैसलों पर हस्ताक्षर किए. इनमें राज्य के हर परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, नशे के बढ़ते प्रभाव पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक जिले में विशेष बल गठित करने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग स्पेशल टास्क फोर्स बनाने जैसे बड़े कदम शामिल हैं.
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इससे एक दिन पहले 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया गया था.
नौ नेताओं ने ली शपथ
सुबह 10 बजे के बाद हुए इस समारोह में विजय के साथ टीवीके के नौ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली. इनमें ‘बुसी’ एन आनंद, आधव अर्जुना, केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, सीटीआर निर्मलकुमार, ए राजमोहन, टी.के. प्रभु और एस. कीर्तना शामिल हैं.
विजय की सरकार कांग्रेस के समर्थन से गठित गठबंधन सरकार होगी. राज्यपाल ने नई सरकार को 13 मई या उससे पहले विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश भी दिया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दी बधाई
इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विजय और उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि तमिलनाडु की सामाजिक और राजनीतिक सोच को दिशा देने वाले मूल्यों को नई सरकार आगे बढ़ाएगी. खड़गे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि विजय के नेतृत्व में गठबंधन सरकार राज्य के विकास और जनहित के मुद्दों पर प्रभावी काम करेगी.



